अद्वितीय योद्धा एवं राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले महापराक्रमी छत्रपति संभाजी महाराज जी की जयंती 14 मई को हैं। वह छत्रपति शिवाजी महाराज के सबसे बड़े पुत्र हैं। इन दिन महाराष्ट्र में काफी रौनक देखने को मिलती हैं। इस खास अवसर पर आप भी मैसेज और तस्वीरों के जरिए दें शुभकामनाएं।
संभाजी जयंती मनाने की तिथि
संभाजी महाराज का जन्म 14 मई 1657 को पुणे से 50 किलोमीटर दूर पुरंदर किले में हुआ था। आपको बता दें कि संभाजी महाराज शिवाजी की पहली पत्नी सईबाई के बेटे थे। जब संभाजी 2 साल के थें तो उनकी मां का निधन हो गया। जिसके बाद संभा जी की परवरिश दादी जीजाबाई ने की थी।

बताया जाता है कि संभाजी महाराज बचपन से ही बहुत क्रांतिकारी के साथ गैर-जिम्मेदार थे। इसी के कारण शिवाजी महाराज ने उन्हें 1678 में पान्हाला किले में कैद कर दिया था। लेकिन अप्रैल 1680 में शिवाजी महाराज का निधन के बाद उनके दूसरे पुत्र राजाराम को सिंहासन पर बिठाया गया। जिसकी खबर मिलते ही संभाजी ने अपने कुछ शुभचिंतकों के साथ मिलकर पान्हाला किले पर कब्जा कर वहां से मुक्त होने में कामयाबी हासिल की और फिर 18 जून 1680 को उन्होंने रायगढ़ किले को भी अपने अधिकार में ले लिया। राजाराम, उनकी बीवी जानकी और उनकी मां सोयराबाई को गिरफ्तार किया गया इसके बाद 20 जुलाई 1680 को संभाजी की ताजपोशी की गई। बताते हैं कि अक्टूबर 1680 में संभाजी की सौतेली मां सोयराबाई को षड़यंत्र रचने के इल्ज़ाम में फांसी दी गई।

संभाजी महाराज जयंती पर ऐसे दें शुभकामनाएं
“ओम” बोलल्याने मनाला शक्ती मिळते,
“साई” बोलल्याने मनाला शक्ती मिळते,
“राम” बोलल्याने पाप मुक्ती मिळते,
“जय संभाजी” बोलल्याने
आम्हाला शंभर वाघांची ताकद मिळते…

हमने सीखा नहीं पीठ दिखाना,
हम तो बस यही जानते है,
सिर्फ इतिहास लिखना।
संभाजी महाराज जयंती की शुभकामनाएं!

संभाजी जयंती हा एक विशेष प्रसंग आहे कारण या दिवशी देशातील सर्वात खास नायकाचा जन्म झाला होता
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