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Saturday, May 16, 2020

अदन में कब्र खोदने वाले शख्स ने कहा, यहां अक्सर खून बहता है, लेकिन मैंने इतने लोगों को मरते कभी नहीं देखा

दक्षिणी यमन के मुख्य शहर अदन में पिछले सप्ताह सैंकड़ों लोगों की मौत कोरोना वायरस संक्रमण जैसे लक्षणों से हुई। Image Source : AP REPRESENTATIONAL

सना: पूरी दुनिया में कहर ढा रहे कोरोना वायरस के संक्रमण से युद्धग्रस्त देश यमन भी नहीं बाच पया है। दक्षिणी यमन के मुख्य शहर अदन में पिछले सप्ताह सैंकड़ों लोगों की मौत कोरोना वायरस संक्रमण जैसे लक्षणों से हुई। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें हालात के और बदतर होने की आशंका है क्योंकि यमन में कोरोना वायरस के संदिग्ध मामलों की जांच की क्षमता बहुत कम है और 5 साल से चल रहे गृह युद्ध के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है।

अदन में कब्र खोदने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि उसने शहर में इतनी संख्या में लोगों को मरते कभी नहीं देखा, जबकि गृह युद्ध के कारण आए दिन सड़कों पर लोग एक-दूसरे का खून बहाते हैं। आधिकारिक रूप से, यमन के दक्षिणी क्षेत्र में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 106 है जिनमें से 15 लोगों की मौत हुई है। हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले उत्तरी यमन में प्राधिकारियों ने संक्रमण के पहले मामले की घोषणा 5 मई को की थी और कहा था कि संक्रमण के केवल 2 मामले सामने आए हैं, जिनमें से एक की मौत हो गई है।

डॉक्टरों का कहना है कि प्राधिकारी मामलों की संख्या को छुपा रहे हैं। अदन के पंजीयक कार्यालय के प्रमुख सनद गामेल ने बताया कि अदन में 7 मई से गुरुवार तक 527 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसा लगता है कि तेजी से संक्रमण फैल रहा है और देश के पास इससे निपटने की क्षमता न के बराबर है। यमन में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख अल्ताफ मुसानी ने कहा कि यदि यमन में समुदायों के बीच संक्रमण फैलता है, तो यह विनाशकारी साबित होगा। WHO ने कहा कि उसके मॉडल बताते हैं कि यमन की आधी आबादी संक्रमित हो सकती है और 40,000 से अधिक लोगों की इससे मौत हो सकती है। यमन की आबादी तीन करोड़ है। 

यमन में आधे स्वास्थ्य केंद्र बंद पड़े हैं। देश के 333 जिलों में से 18 प्रतिशत जिलों में कोई डॉक्टर ही नहीं है। जलापूर्ति और निकास प्रणाली चरमराई हुई है। कई परिवारों को एक वक्त का भोजन भी नसीब नहीं होता। यमन में करीब 500 वेंटिलेंटर और ICU में 700 बिस्तर हैं। हर 25 लाख लोगों के लिए प्रति माह एक ऑक्सीजन सिलेंडर हैं। सुरक्षात्मक उपकरणों के अभाव में स्वास्थ्यकर्मी कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों का उपचार नहीं करना चाहते हैं। कई डॉक्टर को भरोसा है कि अदन में मौत की संख्या में बढ़ोतरी का कारण कोरोना वायरस संक्रमण है। युद्ध के कारण देश में पहले की एक लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।



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