वास्तु शास्त्र के अनुसार आग्नेय कोण, यानी दक्षिण-पूर्व दिशा को अग्नि प्रधान दिशा माना गया है। ये दिशा अग्नि संबंधी कार्यों के लिये जैसे हवन आदि के लिये, मन्दिर में ज्योत जलाने के लिये या आग व बिजली संबंधी चीज़ों को रखने के लिये उचित मानी गयी है।Thanks for reading.
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